सना खान ने पोर्न स्टार के जैसे चुदवाया

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सना खान है में मुंबई में रहती हूँ। में जिस इलाके में रहती हु वहा सब मिक्स लोग रहते है लिखे हिन्दू मुस्लिम एंड पंजाबी। में अभी कॉलेज में पढ़ती हु और मेरे साथ साथ मेरे पड़ोस में रहने वाले 3 लड़के भी मेरे साथ पढ़ते है लेकिन हमारा कॉलेज अलग है हमारा सेलेब्स शामे था इस लिए हम कभी एक दूसरे की मदद करते थे। लेकिन वो तीनो लड़के तो सिर्फ मेरी लेना चाहते थे दोस्तों मेरा फिगर बहुते ही सेक्सी है मेरी गांड की साइज 36 है बूब्स की 34 और  कमर 28 तो मेरी ऐसी है की वो तीनो लड़के जब में हिसाब पहन के उनके पास होक निकलती हु तो वो गंदे कमेंट करते हुए कहते है की अगर ये मिल जाये तो इसकी कमर पकड़ के इसकी गांड के होल को फाड् दे। ये सुन कर मुझे बहुत मजा आता था। एक का नाम संजय दूसरा रोहित और तीसरा हरमीत था। दोस्तों उन तिने ने मिल कर जो मेरी चुदाई की वो में अपनी पूरी जिंदगी में नहीं भूल सकती ओके दोस्तों में अब आप लोगो का ज्यादा टाइम न लेते हुए सीधे स्टोरी पे आती हु। एक बार मेरे अम्मी और अब्बू मेरे मामू जान के वह शादी में  गए तो संजय के मम्मी-पापा से मेरा ख्याल रखने को कह गए थे.. जिसे उन लोगों ने ख़ुशी से कुबूल भी कर लिया।

उस दिन सन्डे का दिन था मैं घर पर ही थी कि हमारे घर के दरवाजे की घन्टी बजी.. मैंने उठ कर दरवाज़ा खोला तो देखा सामने संजय खड़ा था। मैं थोड़ा शरमाई.. फिर भी मैंने संजय को अन्दर आने कह दिया। मैं पिले रंग का सलवार-सूट पहने हुई थी। दोस्तों संजय और उसके दोस्त लोगो का पहले से प्लान था की वो तीनो मुझे आज चोदेगे पहले खली संजय आया था  संजय को देख कर मैंने जल्दी अपना दुपट्टा सर पे डाल लिया.. आखिर मैं पर्दा जो करती थी। मैं बहुत घबराई हुई थी लेकिन मुझे संजय के आने से अन्दर ही अन्दर एक मीठी सी ख़ुशी हो रही थी। वो जिस खा जाने वाले अंदाज़ से मुझे देखता था.. मुझे अन्दर से एक गुदगुदी सी महसूस होती थी। फिर संजय ने मुझे कहा की तुम मुझे यु ही देखती रहोगी या कुछ बोलोगी भी तो मैं चौंक गई और कहा- हाँ.. बोलो संजय कैसे आना हुआ?

संजय ने कहा- मम्मी ने भेजा था कि जाओ सना घर में अकेली है.. देख आओ, सना को किसी चीज़ की ज़रुरत तो नही. मैं मुस्कुराई.. मैं समझ गई थी कि संजय झूठ बोल रहा है.. मम्मी ने कुछ नहीं कहा.. यह खुद मेरे चक्कर में आया है। लेकिन मैंने संजय पर यह बात ज़ाहिर नहीं होने दी और उसको बैठने को कहकर संजय को चाय को पूछा.. तो संजय ने मना कर दिया। फिर हम सोफे पे बैठ गए। संजय ने मुझसे पूछा- सना तुम्हें मुझसे डर लगता है क्या? मैंने कहा- नहीं तो.. ऐसा तो कुछ भी नहीं है। तो संजय ने पूछा- फिर तुम मुझसे बात क्यूँ नहीं करती? मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है.. वो कभी ऐसा मौका ही नहीं मिला। तो उसने मेरे कान में शरारत से फुसफुसा कर कहा- आज तो मिल गया न मौका जान।  उसके जान कहने पर मेरे अन्दर एक झुरझुरी सी दौड़ गई.. लेकिन मैंने बनावटी नखरा दिखाते हुए कहा- हटो संजय.. यह क्या कह रहे हो।

उसने कहा- अरे तुम इतना डरती क्यूँ हो? अच्छा मुझे बताओ.. तुमने कभी सेक्स किया है या कभी किसी को सेक्स करते देखा है? तो मैं शर्माते हुए बोली- हटो भी.. ये क्या सब पूछ रहे हो? संजय ने मेरी जांघ पर अपना हाथ रख दिया। मैं कुछ नहीं बोली.. संजय की हिम्मत बढ़ गई तो उसने मेरे कंधे पर भी हाथ रख दिया। मुझे बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था.. ज़िन्दगी में पहली बार कोई लड़का मुझे छू रहा रहा था। मैं भी सुरूर में आ गई और अब संजय सलवार के ऊपर से मेरी चूत सहलाने लगा। मैंने बनावटी मना किया और फिर संजय ने मुझे गर्दन पर चुम्बन करना चालू कर दिया। फिर मेने भी उसे किश करना चालू कर दिया मेरे मुँह से सिसकारी निकल गई- स्स्स्स संजय आह्ह्ह.. वो बोला- हाँ.. मेरी जान.. कब से तुम्हें पाने का ख्वाब देख रहा था.. आज तुझे चोद कर अपना सपना पूरा करूंगा। मैं चुप रही उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए।

कितना अजीब लग रहा था एक गैर मर्द के सामने मैं नंगी हो रही थी और वो मेरे जिस्म से खेल रहा था। अब संजय ने अपना मोबाइल निकला और उन दोनों दोस्तों को समस कर दिया की आजाओ सेटिंग हो गई। उसकी आँखों में एक वहशी जानवर की तरह मुस्कराहट थी। मुझे मालूम नहीं पड़ा की उसने अपने दोस्तों को भी बुला दिया है इतने में मेरे घर की गंटी बजी में एकदम दर गई लेकिन संजय उठा और दरवाजे की तरफ जाने लगा में सोफे पे नंगी पड़ी थी में डरते हुए संजय से पूछा कोण है बाहर और तुम रुको में कपडे पहनती हु लेकिन उसने मेरी एक न सुनी और जल्दी से दरवाजा खोला तो में गबरा गई और मुझे मालूम पड़ गया की आज मेरी चुत फटने वाली है  मैं समझ रही थी.. ये सिर्फ मुझसे मज़े लेना चाहते है। मैं भी तो यही चाहती थी.. सो में भी कुछ नहीं बोली।

फिर संजय ने मुझे कहा की देख लो आज तुम्हारे नसीब में एक साथ तीन तीन लण्ड हाज़िर है फिर उन तीनो ने मुझको उठाया एक ने मेरी टांगे पकड़ी और एक ने मेरे हाथ और एक ने मुझे बिच में से उठा के मेरे बैडरूम में ले जेक पटक दिया अब संजय ने अपनी पैन्ट उतार दी और फिर  वो दोनों भी नंगे हो गए जैसे ही उन तीनो ने एक साथ अपनी अंडरवियर उतारी.. उन तीनो का लंड ‘फक्क’ से उछल कर बाहर आ गया.. या खुदा.. मैं तो देख कर डर ही गई थी। संजय रोहित और हरमीत तीनो के लण्ड का कलर अलग था हर्मिट का लण्ड 6.5 इंच था और रोहित और संजय का लैंड 7 इंच के थे तीनो के लंड भारी और मोटे-ताज़ा थे। फिर संजय के लंड को देख कर मेरी आँखों में एक चमक सी आ गई। फिर संजय बोला की अब तुम हमारे लण्ड को ही देखोगी या इन से खेलने का इरादा भी है तो मने कहा की आज में बहुत खुस हु की आज में एक साथ 3 लण्ड लुंगी फिर में घुटनो के बल बेथ गई और वो तीनो मेरे सामने खड़े हो गए अब मेने एक एक कर के तीनो के लण्ड को चूसना चालू किया और उन तीनो के लण्ड फुल टाइट हो गए।

और अब में बिस्तर पे जेक लेट गई और अब तीनो बिस्तर पे आगये और फिर रोहित ने मेरी चुत चेतना चालू कर दिया मुझे फुल आनंद आरहा था यकीन मानिए.. रोहित मुझे अपनी जुबान से चोद रहा था। और इतने में हरमीत ने अपना लैंड मेरे मुँह में दाल दिया और मेरे मुँह को चोदने लगा फिर संजय ने अपना लैंड मेरे हाथ में दे दिया और में हिला रही थी फिर कुछ देर बाद संजय ने मुझे उठे और मेरे निचे आगया और में अब संजय के उपहार थी और अचानक से रोहित ने अपना लण्ड मेरी गांड में डाल दिया बिना थूक लगा के और उस वजह से मुझे बहुत दर्द हुआ और में जोर से चिल्लाने ही वाली थी की हरमीत ने अपना लण्ड मेरे मुँह में डाल दिया  तीनो जोर जोर से हसने लगे।

अब रोहित और संजय दोनों जोर जोर से जटके देने लगे। मुझे तो मानो नशा सा चढ़ गया मैं कुछ बोल ही नहीं पा रही थी.. बस आँखें बंद करके संजय का मोटा-लम्बा लंड अपनी गहराइयों में जाता महसूस कर रही थी और पीछे से रोहित अजीब-अजीब सा बोल रहा था, जो मुझमे अजीब अहसास जगा रहे थे। जैसे ‘आह रंडी आज हाथ लगी है आज.. इसको सारा दिन चोदूँगे .. आदि..’ फिर संजय ने अपना लैंड बहार निकाल दिया और उसकी जगह हरमीत ने ले ली और फिर संजय ने अपना लैंड मेरे मुँह में दाल दिया।  मेरे चूसते ही ऐसा लगा मानो.. मैं उसके लंड को चूस कर उसके पूरे जिस्म को कंट्रोल कर रही हूँ। मैंने संजय के लवड़े को हलक के अन्दर तक ले लिया और वो मेरे मुँह में झटके मारने लगा।

फिर कुछ देर तक अपना लंड चुसवाने के बाद संजय ने मुझे सीधा लिटा दिया और मेरी टाँगें फैला कर संजय ने कहा की सना जानू अब तुम्हारी छूट को थोड़ी तकलीफ होगी तो मेने कहा क्यों तो उसने कहा की अब दो लैंड एक साथ अंदर जायेंगे तो मेने उपहार के मन से मन कर दिया लेकिन संजय में रोहित से कहा की पकड़ साली रंडी को फिर रोहित ने मुझे अपने उपर सुला दिया और अपना लंड मेरी चुत में डाल दिया और पीछे से संजय ने भी मेरी चुत पर तेल लगा के अपना लण्ड डाल  दिया अब मुझे बहुत मजा आ रहा था बाद में वो तीनो जड़ने वाले थे तो में उठ गई और घुटनो के बल बैठ गई और तीनो लण्ड का रस मेने पि लिया और इसी तरह मेने उन तीनो के साथ कही बार होटल में चुदवाया और जब भी टाइम मिलता है हम मजे करते है .

Author: Chudaiporn

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