कोमल ने अपनी चुत और गांड मरवाई और होटल का बिल भी दिया

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हेलो दोस्तों में संजय और में आज आप को एक रियल कहानी बताने जा रहा हूँ दोस्तों ये लड़की मुझे ईमेल के जरिये मिली दोस्तों मुझे कुछ दिन पहले एक ईमेल आया वो ईमेल एक लड़की का था उसका नाम कोमल था जो मुझसे छुड़वाना चाहती थी। मेरी और कोमल की रोज ईमेल पर बाते होने लगी अब हम दोनों एक दूसरे को जानने लगे हम दोनों हर तरह की बाटे करते थे। एक दिन कोमल ने मुझे बताया की कोमल मुझसे चुदवाना चाहती है कोमल ने ये भी बताया की कोमल का पहले कोई बॉयफ्रेंड था जो कोमल को चोद के उसकी गांड और चुत दोनों फाड् के उसे छोड़ के चला गया। दोस्तों कोमल ने कहा की उसकी वासना को शांत करना है इसलिए कोमल ने मुझे अपना नंबर दिया फिर मेने भी कोमल को नंबर दिया कुछ टाइम के बाद कोमल का कॉल आया और हमारी अब फ़ोन पे बात हुई और हमने चुदाई करने का प्लान फिक्स किया। लेकिन कोमल मेरे सिटी से बहुत दूर रहती थी तो में उधर नहीं जा सकता और कोमल इधर नहीं आ सकती थी।

तो फिर हमने वापसी कॉल किया और एक ऐसी जगह फिक्स की जहा हम दोनों को दूर न पड़े इस लिए हमने उदयपुर में मिलना फिक्स किया और फिर में भी उदयपुर के लिए निकल गया और कोमल भी दोस्तों जब में कोमल से मिला तो में हका बक्का रह गया क्यों की जैसा मेने उसके बारे में सोचा था कोमल उससे भी ज्यादा खूबसूरत थी और सेक्सी थी। उसकी उम्र 18 की थी और मेरी 20 की कोमल मुझसे मिल के खुश हो गई मेने तो जब उसे जब देखा तो मेने कोमल को चोदने की अलग अलग स्टाइल सोच ली थी। फिर हम वहा एक होटल में गए और एक रूम लिया। अब हम दोनों रूम में एंटर हुए और फिर बाथरूम में नहाने चले गए और हमने बाथरूम में ही चुम्मा चाटी चालू कर दिया और मस्ती भी कोमल क्या मॉल लग रही थी थोड़ी देर किस्स करने के बाद हम लोग बाथरूम से बहार आये और नास्ता किया उस टाइम हम दोनों नंगे थे

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अब हम दोनों की बाटे सुरु हुई और सेक्स का नशा चढ़ने लगा जो की उसकी आखो में दिख रहा था फिर मेने धीरे धीरे उसकी गांड को सहलाना सुरु किया। फिर हम दोनों अब बेड पर खड़े हु गए और एक दूसरे को किश करने लगे जिस मजे के लिए वो तड़प गई थी वो मजा उसे अब आने लगा और अब हम एक दूसरे के प्राइवेट पोर्ट को सहलाने लगे धीरे धीरे मेने उसके बूब्स को दबाने लगा और कोमल भी मेरे लोडे को पकड़ कर उसे सहला रही थी और कोमल बोल रही थी की “प्लीज अब और मत तडपाओ, मेरे अन्दर की वासना की आग को अपने इस लौड़े से बुझा दो। मैंने कोमल को लेटाया और कोमल के पूरे बदन को चूमना स्टार्ट कर दिया। कोमल के होंठों को चूमा उसकी चूचियों को तो मसल-मसल कर मजा लिया।  कई बार तो कोमल की चूचियों को काट भी लेता।

जिससे कोमल सेक्सी आवाज निकालने लगती थी, “आआअ आआ…प्ल्लीईईस्स्स्स…  ओहो होहोह ओह  हो हा अहाह आहा हा आहा अ… ओर्र मात्त तद्पऊऊओ…” फिर मैं और कोमल 69 की अवस्था में आ गए। एक-दूसरे के अंगो से खेलने लगे। मैं उसकी चूत चाट रहा था। दोस्तों कोमल की चुत पर एक भी बल नहीं था कोमल शायद आने से पहले सब साफ़ कर के आई थी। कोमल भी मेरा लौड़ा मस्ती से मुँह में लिए जा रही थी। कोमल को सेक्स का अनुभव था, तो मुझे भी मजा आ रहा था। फिर हम दोनों ही सीधे हुए और मैंने कोमल के पैरों को खोला और ऊपर आ गया। अब कोमल भी तैयार थी। उसे मुझे कंडोम दिया। मैंने कहा- प्लीज आप ही पहना दो। तो हँसने लगी और मेरे लौड़े को कंडोम पहना दिया।

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फिर मैंने कोमल की भोसड़े पर थोड़ा थूक लगाया और अपने लोडे को कोमल की चूत के ऊपर घुमाने लगा, जिससे कोमल और उत्तेजित हो गई। “प्लीज अब और नहीं तड़फाओ, डाल दो फाड़ दो, मेरी प्यास बुझा दो..।” मैंने भी फिर देरी ना करते हुए एक जोर का झटका लगाया और मेरा आधा लौड़ा कोमल की चूत में घुस हो गया। कोमल ने चीख मारी क्योंकि कोमल ने काफी टाइम से चुदाई नहीं करवाई थी। फिर मैंने दूसरा झटका भी मारा और मेरा पूरा लौड़ा कोमल की चूतड़ में समा गया। उस वक़्त कोमल के चेहरे के जो भाव थे, उनसे ही पता लग रहा था कि कोमल को अपने चूत में लौड़ा लेने का कितना मजा आ रहा है। कोमल ने अपनी पिछाड़ी उठाना शुरू किया। मैंने भी अब अपना लौड़ा अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया। कोमल को भी मजा आ रहा था और चुदवा रही थी। मैंने कोमल को अलग- अलग तरीके से चोदा।

कुछ तरीके ऐसे भी थे जो कोमल ने मुझे शिखाये थे उनको भी ट्राई किया। कोमल भी चुदवाने में मास्टर थी और में चोदने में। हमारी चुदाई जारी थी। थोड़ी देर में मैं झड़ने वाला था, तो मैंने तेज गति से चोदना शुरू कर दिया। कोमल आवाजें निकालने लगी, “आआअ अ आआअ… ओह ओह हो होह ओह ओह ओह हो… ओरोर रोर और रो रो रोर और तेज्ज तेज… आअहाहहह… करते रहो।” और हम दोनों साथ में झड़ गए और फिर एक दूसरे के उपर ही पड़े रहे और चूमने लगे। फिर हम दोनों खड़े हुए और मैंने कंडोम निकाला और अपना वीर्य कोमल के बूब्स पर डाल दिया। उसकी चूत से भी पानी बाहर आ रहा था, जिसे मैंने कोमल की चूत में ऊँगली डाल कर और निकाला। कोमल फिर से मेरा लण्ड को मसलने लगी और चूमने लगी। फिर से में और मेरा लौड़ा तैयार हो गए थे। पर इस बार कोमल की गांड मारनेकी बारी थी।

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कोमल की गांड भी मारी, काफी कसी हुई गांड थी क्योंकि पहले उसने चूत तो मरवाई थी, लेकिन गांड कभी नहीं मरवाई थी। तो कोमल ने मुझसे पहली बार  अपनी गांड भी मरवाई, और मेरे साथ खूब मजा लिया। मैंने भी गांड मारते वक़्त कंडोम नहीं लगाया और उसकी गांड में ही मैं झड़ गया और कोमल की चूत में उंगली करके उसका भी रस निकाल दिया, फ़िर एक-दूसरे को चूमने लगे। शाम हो गई थी और हम लोगों की रात की ट्रेन थी, तो हम नहाने गए और वहाँ पर एक दूजे को नहला कर हमने एक और बार चुदाई का खेल खेला। और चलते समय कोमल मुझे पैसे देने लगी तो मैंने नहीं लिए, पर होटल का बिल कोमल ने दिया और मुझे शॉपिंग पर ले कर गई। और कुछ कपड़े लिए हमने और फिर मैं  और कोमल  दोनों अपनी-अपनी ट्रेन पकड़ कर अपनी अपनी मंजिल की ओर चल दिए। लेकिन आज भी कोमल मुझसे बात करती है। कभी-कभी और मौका मिलने पर एक बार फिर से चुदना चाहती है।

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