सोनल आंटी की सेक्सी स्माइल के बाद चूत गाण्ड चुदाई

नमस्कार दोस्तो… मेरा नाम गणेश है, मैं छत्तीसगढ़ से हूँ।मुझे सिर्फ़ आंटियों में ही मजा आता है क्यों की आंटी को से मालूम होता है की सेक्स कैसे किया जाता है , मुझे लड़कियों में ज़रा भी मजा नहीं आता है क्यों की उनको समझाना पड़ता है चलो छोड़ो। दोस्तों में अब आप में मेरे बारे में बताता हु ।मेरा कद 5’4” है.. मैं 25 वर्ष का एक आकर्षक दिखने वाला लड़का हूँ। मेरे लंड का नाप 6.5 इंच का है।दोस्तों यह बात करीब 2 साल पहले की है, जब मैं जॉब के लिए मुंबई गया था।मैं वहाँ पर मेरे एक रिश्तेदार के करीबी दोस्त के यहाँ रहने के लिए गया.. उनके यहाँ एक रूम खाली था।जब मैं उन लोगो के घर पहुँचा तो मनोज अंकल ने दरवाजा खोला.. मनोज अंकल की उम्र 45 वर्ष की थी।मेने मनोज अंकल से नमस्ते करके अन्दर गया.. मनोज अंकल से थोड़ी देर बातचीत की।

इतने में मनोज अंकल की बीवी यानि सोनल आंटी चाय लेकर आईं।मैं सोनल आंटी को देखते ही रह गया.. क्या आइटम और माल दिखती थीं.. 38-30-38 के उनके जिस्म के कटाव को देख रहा था अगर उनका जिस्म कोई देख ले कलेजा हलक में आ जाए..सोनल आंटी की उम्र जरूर 40 की थी.. लेकिन सोनल आंटी 38 की लगती थीं।सोनल आंटी के उठे हुए चूतड़ वाली गाण्ड बहुत ही मादक और कामुक लगती थी।जब सोनल आंटी चलती थी.. तो सोनल आंटी के दोनों चूतड़ थिरकते थे.. थिरकते चूतड़ों को देख कर यूँ लगता था कि अभी उठूँ और लण्ड सोनल आंटी की गाण्ड में ठूंस दूँ।

मनोज अंकल का दो मंज़िला मकान था.. ग्राउंड फ्लोर पर वो रहते थे और ऊपर एक कमरा खाली पड़ा था.. उनके घर में वो दो ही लोग रहते थे..सोनल आंटी की एक बेटी थी.. जिसकी शादी हो चुकी थी।मनोज अंकल एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे.. वे सुबह 10 बजे निकलते और शाम को 8 बजे वापस आते थे।मैं भी एक कंपनी में काम करता था और सुबह 12 बजे निकलता था और शाम को 7 बजे आता था।मैं शाम को बाहर खाना ख़ाता था।थोड़े दिनों बाद हम घुलमिल गए और आंटी और अंकल मुझे अपने घर का ही सदस्य समझते थे।मैं भी उनके हर काम में मदद करता था।मुझे बाहर के खाने से थोड़ी दिक्कत हो रही थी.. इसलिए सोनल आंटी के मुझे शाम का खाना अपने साथ ही खाने को कहा।

जब ही मैं टीवी देखता या खाना खाने जाता तो सोनल आंटी की गाण्ड और बड़े बूब्स को देखता रहता था।सोनल आंटी ने मुझे कई बार देखते हुए देखा भी था लेकिन सोनल आंटी ने कभी भी कुछ नहीं कहा।सोनल आंटी मुझे इतनी सेक्सी लगती थीं कि मैं उनके नाम की मुठ भी मार लेता था।वहाँ पर घर के पीछे एक ही बाथरूम था.. मुझे वहीं जाना पड़ता था।एक दिन मैं सुबह नहा रहा था.. मुझे पूरा नंगे होकर नहाने की आदत है और मैं दरवाजे को अंदर से बंद करना भूल गया था।सोनल आंटी कुछ काम से आईं और दरवाजा खोल दिया.. मैं उनके सामने नंगा खड़ा था सोनल आंटी मुझे और मेरे मोठे लंड को घूर रही थीं।

मैंने झट से दरवाजा बंद कर दिया।उस दिन से सोनल आंटी का बर्ताव कुछ बदल गया था।जब मैं नीचे आता तो सोनल आंटी मुझे अलग नज़र से देखतीं और सेक्सी स्माइल देतीं.. लेकिन मेरी कभी कुछ भी करने की हिम्मत नहीं हुई।एक दिन में काम से लौटा तो सोनल आंटी ने मुझे बताया कि अंकल काम की वजह से देर से आने वाले हैं।मेरे मन में एक ख़याल आया और मैं नहाने के लिए चला गया और सोनल आंटी को चोदने का प्लान बनाने लगा।मेरा लंड खड़ा हो गया था… बाथरूम से आकर वैसे ही मैं तौलिया लपेट कर जानबूझ कर सोनल आंटी के सामने से होता हुआ कमरे में आ गया।

सोनल आंटी मेरे पीछे-पीछे आ गईं.. जब सोनल आंटी कमरे में आईं तो मैंने अपना तौलिया गिरा दिया और ऐसे दिखाया कि गलती से निकल गया हो।सोनल आंटी मेरे खड़े लंड को तीखी नज़रों से देख रही थीं और शर्माते हुआ भागीं।उस रात मैं करीब 10 बजे टीवी देख रहा था.. तब सोनल आंटी मेरे पास आकर बैठ गईं और मुझसे पूछने लगीं- तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेण्ड है?मैंने कहा- नहीं..सोनल आंटी ने पूछा- मैं तुम्हें कैसी लगती हूँ?मैंने कहा- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो।तब वो मेरे और करीब आकर बैठ गईं और मेरे लंड को पैन्ट के ऊपर से ही सहलाने लगीं।

मेरा लंड कड़ा हो गया.. मैं भी अपना संयम खोने लगा और आंटी को बाँहों में भर लिया। फिर सोनल आंटी ने मुझे एक चुम्मी दे दी तो। फिर फड़फड़ाने लगा तो मेने सोनल आंटी को अपनी बाहों में उठाया बैडरूम में लेगया और पटक दिया। और फिर जैसे ही मेने अपना पेण्ट उतारा आंटी ने जल्दी से मेरा एंड पकड़ के जोर जोर से हिलाने फिर अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से सकिंग करने लगी फिर जोस आगया मेने के सिर को पकड़ लिया और अपने लण्ड को सोनल के मुँह में जोर जोर से पेलने लगा।

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दोस्तों 10 मिनट तक मेने के मुँह को चोदा फिर अपना सारा पानी मेने आंटी के दाल दिया और आंटी पि गई। दोस्तों फिर आंटी की अब मुझे चोद डोलो जल्दी तुम्हारे अंकल आने वाले है। फिर मेने आंटी को डॉगी स्टाइल में किया और मेने आंटी 15 मिनट तक डोगग्य स्टाइल में चोदा आंटी को इतना मोटा लण्ड लेने आदत नहीं थी इस जोर जोर से चिक्ख रही थी आंटी की आवाज पुरे कमरे में गूंज मेने आंटी ऐसे ही अलग अलग स्टाइल में चोदा। दोस्तों जब हमे टाइम मिलता हम लोग ऐसे ही चुदाई करते थे। थैंक्स फॉर रीडिंग

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