रोहिनी भाभी को चोद कर वीर्य दान दिया

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम मोहित है में इंदौर का रहने वाला हु। दोस्तों मेरा लंड का साइज 7 ” इन्च है जो हर भाभी या आंटी को खुश कर सकता है।दोस्तों यह बात उस समय की है जब मेरी उम्र 26 साल का था और वह मेरा पहला अनुभव सेक्स था।उस भाभी का नाम रोहिनी था वो देखने में एकदम ऐशवर्या राइ जैसी दिखती थी,रोहिनी का फिगर 34 -28 -36 का था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसे कामुक माल की मालकिन मेरे साथ चुदाई करेगी। वो हमारे घर में किराएदार थी। दोस्तों उस टाइम गर्मी का मौसम था सब लोग छत पर सोए हुए थे, मैं भी छत पर जाकर सोया था। रात को जब मेरे हाथ को ऐसा लगा कि कुछ टकरा रहा है तो मैंने आखें खोलीं तो सामने रोहिनी भाभी सोई हुई थीं।

मैं डर गया कि गलती से लग गया होगा यदि मैंने कुछ किया तो रोहिनी भाभी किसी को बता न दें, तो मैं बस आखें बन्द करके सोच ही रहा था कि तभी मुझे लगा कि रोहिनी का हाथ मेरी चादर को खींच रहा है।मैं सोचने लगा कि क्या करूँ, उधर मेरा लौड़ा भी खड़ा होकर तंबू के बांस की तरह हो गया था।मैंने भी खुद को तकदीर के हवाले कर दिया और रोहिनी के पास खिसक गया। रोहिनी ने सीधे ही मेरे हाथ को पकड़ लिया और अपनी तरफ अपनी ओर खींचा, मैं क्या करता बस रोहिनी के पास खिंछा चला गया। रोहिनी ने मुझसे धीमे से कहा- आवाज़ मत करना.. सब सो रहे हैं। और रोहिनी भाभी ने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया। मेरे मुँह के आगे बस उसे बड़े-बड़े आम थे, जो एक हाथ से पकड़ में ही नहीं आ सकते थे। रोहिनी ने कहा- इन्हें चूसो।

मैंने देर ना करते हुए झट से रोहिनी के एक मम्मे को मुँह में ले लिया और चूसने लगा। रोहिनी मेरे लौड़े को जींस ऊपर से ही दबा रही थी, तो मैंने धीरे से अपने लौड़े को बाहर निकाल दिया और रोहिनी उससे खेलने लगी। मैंने धीरे से उसके कान में कहा- अब नीचे बैडरूम में चलो.. यहाँ किसी के जाग जाने का डर लग रहा है। रोहिनी बोली- तुम जाओ.. मैं आती हूँ। मैं जल्दी से नीचे आ गया। रोहिनी मेरे पीछे आ गई, हम दोनों कमरे में चले गए। मैंने रोहिनी को खड़े-खड़े ही चूमना चालू कर दिया, रोहिनी भी बेसब्री से मेरा साथ दे रही थी। रोहिनी बोली- चलो ना बिस्तर पर.. मैं रोहिनी को उठा कर लेकर गया और बेड पर लिटा दिया और में भी रोहिनी के ऊपर चढ़ गया। रोहिनी चुदासी सी होकर मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबा रही थी। मैंने रोहिनी का नाड़ा खोल कर पैन्टी भी साथ में उतार दी।

हाय.. क्या चूत थी.. एक गुलाब की पंखुरी जैसी गुलाबी और स्मुत जैसी मैं तो उस पर टूट पड़ा और उसे चूसने लगा। रोहिनी लगातार अपनी चूत ऊपर उठाने लगी और अति उत्तेजना के कारण रोहिनी ने अपना पानी छोड़ दिया। मैं रोहिनी का सारा नमकीन दही पी गया। अब हम दोनों 69 की अवस्था में हो गए। रोहिनी ने मेरे लौड़े को पकड़ा और कहा- वाह.. कितना बड़ा है।रोहिनी ने ‘गप’ से मेरा लोढ़ा मुँह में ले लिया और दो मिनट में ही मेरा पानी रोहिनी के मुँह में ही निकल गया। रोहिनी समझ गई कि मैंने कभी किसी के साथ चुत चुदाई नहीं की है। रोहिनी मेरे लौड़े को और ज़ोर से अपने मुँह में चूसने लगी। करीब 15 मिनट के बाद मेरा लौड़ा फिर से खड़ा हो गया। और फिर रोहिनी बोली- अब आ जा और पेल दे मेरी चुत को । मैं खड़ा हुआ और कहा- कन्डोम तो है ही नहीं।

तो रोहिनी हँस कर बोली- तू ऐसे ही आ जा मुझे तुमसे बच्चा चाहिए, तेरे भैया 5 साल में कुछ कर नहीं पाए.. तुम मुझे वो खुशी दे दो जो हर औरत चाहती है। मैंने कहा- ठीक है रोहिनी .. मैंने अपने तने हुए लौड़े को रोहिनी की चूत की दरार पर रखा और चोट मारी, पर अनुभवहीनता के कारण लंड सही निशाने पर नहीं जा रहा था। तो रोहिनी हँसी, रोहिनी ने मेरे लौड़े को पकड़ा और अपनी चूत के छेद पर टिकाया और बोली- अब डालो। रोहिनी की चूत आज भी बहुत कसी हुई थी। मैंने जोर से झटका दिया तो मेरा आधा लण्ड अन्दर घुस गया। भाभी कराह कर बोली- धीरे करो.. दर्द होता है। फिर मैंने एक और जोर का झटका मारा तो मेरा पूरा लौड़ा रोहिनी की चूत में समा गया।

रोहिनी भाभी बोली- बस अभी रुक जाओ.. थोड़ी देर ऐसे ही रहो। करीब दो मिनट के बाद रोहिनी ने अपने आप नीचे से अपने चूतड़ उठा कर धक्के लगाना चालू कर दिया। मैंने भी ऊपर से जोर से धक्के लगाने लगा। कमरे में रोहिनी की आवाज़ गूंज रही थी। “बस फाड़ डालो मेरी चूत को.. पूरी रात बस मुझे ऐसे ही चोदते रहो।” मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारे जा रहा था और मुझे लगा कि मेरा होने वाला है, तो मैंने रोहिनी से कहा- बच्चा आ रहा है स्वागत करो। तो रोहिनी हँसी और बोली- मेरे बच्चे को अन्दर ही आने दो.. मैं तुम्हारे बीज से ही लड़के की माँ बनना चाहती हूँ। मैं रोहिनी के अन्दर ही झड़ गया। थोड़ी देर बाद रोहिनी ने कहा- अब बाहर निकालो और वो तकिया मेरे नीचे रखो ताकि सारा पानी अन्दर रहे।

मैंने ऐसा ही किया जो रोहिनी ने कहा। कुछ देर हम लोग शान्ति से पड़े रहे। फिर रोहिनी ने मुझसे कहा- मेरे पास आ जाओ। मैं रोहिनी के पास गया, तो उसने मेरे लौड़े को मुँह मे लेकर चाटना शुरू कर दिया और बोली- मोहित इस माल की कीमत तुझे पता नहीं होगी। रोहिनी ने मेरा हथियार पूरी तरह से चाट कर साफ कर दिया और बोली- जब दिल चाहे आ जाना.. मैं तुम्हारा हमेशा इन्तजार करूँगी। मैंने रोहिनी को करीब दो महीने तक चोदा, तब ज़ाकर अब पेट से हुई है। अभी रोहिनी को 3 महीने का गर्भ है।रोहिनी यही कहती है- ये औलाद तुम्हारी है..” मुझे जब भी मौका मिलता है मैं रोहिनी को चुम्बन करता हूँ, क्योंकि अब इस हालत में रोहिनी को चोद तो नहीं सकता। रोहिनी भी मुझे शान्त करने के लिए मेरा लौड़ा लॉलीपॉप की तरह चूस कर पानी पी लेती है।

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