मम्मी ने ह्यूमन रिप्रोडक्शन पढ़ाया और चुदवाया

दोस्तों मेरा नाम अक्षय है और में अपनी मम्मी के साथ अकेला रहता हूँ। मेरी माँ का नाम वैशाली है मेरे पापा अमरीका में रहते है वो वह एक बड़ी कम्पनी में काम करते है और साल में एक या दो बार आते है मेरी माँ एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है। में अपनी मम्मी के साथ ही स्कूल में जाता हूँ। और हम लोग टीचर कॉलोनी में रहते है मेरी माँ दिखने में बहुत ही खूबसूरत है और सेक्सी है मेरी मम्मी की उम्र 35 है लेकिन वो 25 की लगती है उनकी जवानी अभी भी फुल भरी पड़ी हुई है क्यों की मेरे पापा तो आते नहीं तो वो भी क्या करे। मम्मी का बॉडी पूरा मांस से भरा पड़ा है मम्मी बहुत ही फेयर है उनके बॉल भी बहुत लम्बे है और पतली कमर है और जब मम्मी सजती सवरती है तो कही लोगो के लण्ड से पानी टपकता है चलो अब स्टोरी पे आते है।

यह बात उस टाइम की है जब मम्मी 4 लड़को को घर पे बुला के टुअशन करवाती थी वो ४ लड़के मेरी माँ के बूब्स को ही देखने आते थे जिनका नाम सोनू ,मोंटू,राजन और अजय था ये लोग बहुत सरारती थी और मेरी माँ को चोदने के लिए ही उन्होंने टुअशन ज्वाइन किया था वो लोग मेरी माँ के बूब्स को देखते थे और कभी कभी टच भी कर लेते थे लेकिन माँ कुछ नहीं बोलती थी क्यों की उनको भी मज़ा आता था। सायद मम्मी खुद अपनी हवस की प्यास बुझाना चाहती थी लेकिन टुअशन के लड़के तो सिर्फ टच ही कतरे थे उससे आगे नहीं बढ़ते थे। मेरा रूम मम्मी के रूम से अटैच था इस लिए मम्मी के साथ जो भी होता था में सब देखता था टुअशन के समय मम्मी जानबूझ के सेक्सी और टाइट कपडे पहनती थी। सलवार हमेशा उनकी चूतड़ के अंदर फसी होती थी और उनके मम्मे कमीज़ से बहार निकलते दीखते थे मम्मी जानबूझ कर ब्रा नहीं पहनती थी। मम्मी उन लड़को को हमेशा सेक्सी टाइप की पढाई करवाती थी और उन लड़को को भी मजा आता था पर इसमें वो लड़के कभी आगे नहीं बढ़ते थे।

एकदिन मम्मी ने उन लोगो ह्यूमन रिप्रोडक्शन (यानि की बचे कैसे पैदा होते है या किये जाते है) वाला पाठ पढ़ा रही थी। तो मम्मी ने उन चारो को वेजिना और पेनिस का डाइग्राम बनाने को कहा। वो भी मुस्कुराते हुए बनाने लगे. फिर अचानक मम्मी ने उनसे पूछा, कि तुम्हे पता है कि विजिना और पेनिस कहाँ होते है? और उससे इंटरकोर्स कैसे होता है? लड़के हरामी थे, पर बोले – “नहीं मैडम, हमें नहीं मालूम. आप प्लीज बता दो”. मम्मी कि आँखों में चमक आ गयी और मम्मी ने कहा – ठीक है. पर वादा करो, कि ये बात किसी और को नहीं बताओगे.लडको ने हँसते हुए वादा किया.

मम्मी ने सबसे पहले तो उठकर रूम का दरवाजा लॉक किया. फिर मम्मी अपने टेबल पे आके बैठ गई और राजन को बुलाया और कहा की अपने कपडे उतार दो तो राजन गबरा गया और कहा मेम मुझे सरम आती है और मम्मी ने बाकि तीनो लड़को को कहा की तुम सब भी अपने कपडे उतर दो तो फिर उन चारो लड़को ने अपने अपने कपडे उतर दिए और उन लड़को के लोड़ो को देख पे मम्मी के मुँह में पानी आ गया था क्यों की अभी वो लण्ड खड़े भी नहीं हुए थे और उनकी साइज 5 से जयदा थी अब मम्मी अपनी चेयर से उठी और फिर मम्मी ने उनको कहा की तुम चारो मेरे इर्द गिर्द खड़े हो जाओ और फिर मम्मी निचे बेथ गई। और फिर मम्मी ने राजन के लंड को पकड़ा और कहा की थिस इस पेनिस इसे पेनिस कहते है और मोंटू बोला हम तो इसे लोढ़ा कहते है

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मम्मी – पागल, इंलिश में इसे पेनिस ही बोलते है. अब तक मम्मी के कोमल हाथो के सहलाने से राजन का लंड खड़ा हो चूका था. मोंटू ने पूछा. मोंटू – मैडम, ये टाइट क्यों हो गया? मम्मी – ये बहुत सेंसटिव होता है और सेक्सुअलिटी एक्साइट होने पर इसमें ब्लड का फ्लो बहुत तेज हो जाता है. जिससे ये इरेक्ट हो जाता है और इरेक्ट पेनिस ही इंटरकोर्स कर सकता है, ढीला नहीं. सोनू – वो क्यों?  मम्मी – क्योंकि, विजिना बहुत टाइट होती है. लूज पेनिस उसके अन्दर घुस नहीं पाता. सोनू – मैडम, विजिना कैसी होती है? मम्मी मुस्कुराते हुए बोली – वो भी बताउंगी.

मम्मी ने अपनी रेड कमीज़ उतारी और साइड में रख दी. मम्मी के मम्मे एकदम आजाद हो गये थे. मम्मी ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और उनके दूध जैसे गोरे चुचे बहुत मोटे और सेक्सी थे. फिर मम्मी ने अपनी ब्लू सलवार का नाडा खीचा, तो सलवार नीचे गिर गयी. मम्मी ने उतार कर साइड में रख दी. मम्मी कि मोटी थाई और हिप बहुत सेक्सी लग रहे थे. सभी लडको के लौड़े खड़े हो चुके थे. वो सब के सब लगभग ७ इंच लम्बे थे. फिर मम्मी ने अपने बूब्स दबाये और बोली – इन्हें ब्रैस्ट कहते है. इनमे मम्मरी ग्लांड्स होते है. जिसमे से दूध निकलता है और छोटे बच्चो को दूध पिलाया जाता है. ये सब देखकर लडको का मुह खुला रह गया. फिर मम्मी ने अपनी ब्लैक पेंटी भी निकाल दी और साइड में रख दी. मम्मी अब बिलकुल नंगी थी. मम्मी की चूत सबके सामने थी. उसके ऊपर एक भी बाल नहीं था और अन्दर से गुलाबी रंग था. मम्मी ने अपनी चूत को फैलाते हुए बोला –

मम्मी – ये है विजिना. राजन – मैडम, हिंदी में क्या कहते है? मम्मी (थोड़ा शरमाते हुए) – चूत या…. भोसड़ी या…. बुर या… योनी.

सब लड़के मुस्कुरा रहे थे. मम्मी टेबल के ऊपर लेट गयी और अपनी गुलाबी चूत के ऊपर का मांस पकड़ कर फैला लिया और ऊपर के दाने को टच करके बोली – इसे क्लिटोर्स कहते है. ये बहुत सेंसटिव होता है. फिर, मम्मी ने अपनी चूत फैलाई और पेशाब वाले छेद के ऊपर ऊँगली रखकर बोली – ये “यूरेथ्रल ओपनिंग” है. इससे औरते पेशाब करती है. राजन – मैडम, क्या इसी में पेनिस को इन्सर्ट करते है? मम्मी – नहीं… पागल. इसमें नहीं. नीचे करते है. फिर, मम्मी ने चूत के छेद में ऊँगली डाली और बोली ये वेजिनल ओपनिंग है और इंटरकोर्स के दौरान इसमें लंड… सॉरी… आई मीन पेनिस डालते है. सब लडको के लन्ड़ो में से बूंद- बूंद चिपचिपा लिक्विड सा निकल रहा था.

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एक लड़के ने पूछा- मैडम, ये हमारे पेनिस से क्या निकल रहा है? मम्मी – ये स्पर्म है.. जब ये स्पर्म चूत… आई मीन विजिना… में जाता है तो उसे कोपुलेशन यानी सेक्सुअल इंटरकोर्स कहते है और उसे से बच्चे पैदा होते है. अजय – मैडम, एक बाद इंटरकोर्स करके बता दो. मम्मी – पागल.. इंटरकोर्स अकेले नहीं होता. उसके लिए आदमी की जरूरत होती है. राजन – यहाँ तो ४-४ है. मम्मी हंसने लगी और बोली – ठीक है. तुम इधर आओ और अपना पेनिस मेरी वेजिना में डालो और जोर से धक्का मारना. राजन – धक्का क्यों? मम्मी – धक्का मारने से स्पर्म डिस्चार्ज हो जाता है और …. राजन – और क्या? मम्मी – और मज़ा आता है… तभी तो लोग चुदाई .. आई मीन सेक्स करते है. मम्मी पूरी गरम हो चुकी थी और अपने होठो से अपनी लिप्स काट रही थी और मोअन कर रही थी. मैं वेंटिलेटर से छुपकर सब देख रहा था. लड़का मम्मी के पास गया और खड़ा हो गया.

मम्मी बोली – “बुद्दू, चूत के ऊपर अपना लंड रखो”. लड़के ने अपना लंड चूत के ऊपर रखा और धक्का मारने लगा. पर उसका लंड अन्दर नहीं जा रहा था और बार- बार स्लिप हो कर बाहर आ रहा था. मम्मी – लगता है. तुम्हारा पेनिस लुब्रिकेट करना पड़ेगा. फिर मम्मी ने ढेर सारा थूक उसके लौड़े पे डाला और एकदम से लौड़ा मुह में डाल लिया. लड़के को बहुत मज़ा आया और वो आँखे बंद करके मज़ा ले रहा था. मम्मी उसका लंड ऐसे चूस रही थी, जैसे कि आइसक्रीम हो. सब लड़के ये देखकर मुठ मारने लगे. ५ मिनट तक मम्मी ने उसका लौड़ा चूसा और मुह से बाहर निकाल दिया. उसका लौड़ा बाहर निकला, तो वो मम्मी के थूक से चमक रहा था और काफी बड़ा हो गया था. अब मम्मी ने उसका लंड अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत के ऊपर रख दिया और बोली अब धक्का मारो जोर से.. लड़के ने पूरा जोर लगाकर धक्का लगाया और उसका लंड मम्मी की चूत के अन्दर चले गया. मम्मी चिल्ला उठी..

मम्मी – अहहहहहाहा… ऊऊउईईईइ.. माँआआआअह्हह्हह्ह…. मर गयीईईईइ… राजन – क्यों, दर्द हो रहा है क्या? मम्मी – नहीं… नहीं. तुम्हारा बहुत बड़ा है. बड़ी मुश्किल से फिट आ रहा है. इतना बड़ा कभी मेरी चूत में गया नहीं… पर मज़ा आ रहा है… तुम रुको मत… और जोर से धक्के मारो.. और जितना अन्दर घुसा सकते हो … उतना अन्दर डालो. जिससे तुम्हारा स्पर्म मेरे एग तक पहुच जाए और उसे फेर्तिलिज़ कर पायेगा.. और तब जाकर मैं प्रेग्नेंट हो पाऊँगी और बच्चा पैदा होगा. थोड़ी देर धक्के मारने पर मम्मी पूरी मस्त हो गयी थी और गंदी बाते करने लगी थी. मम्मी – चोदो मुझे… येह्ह्हह्ह्ह्ह .. फक मी हार्डर… फक मी…. फाड़ दो ये चूत… अहहः अहहहः हम्म्म्म थप.. थो …थप..थप थप थप …प्रेग्नेंट कर दो मुझे… येह्ह्ह्हह्ह… आज इस रांड की प्यास बुझा दो… कुतिया कि तरह चोदो…ये चूत बहुत दिनों से प्यासी है… अपने वीर्य से इसकी पयस बुझा दो..येह्ह्ह्हह्ह.. ऊऊउह्ह्ह..ह्ह्ह्हह्ह आहाह्ह्ह्हह्ह…. साले चूतिये.. और जोर से मार ना…

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लड़के जोश में आ गये थे और बड़ी तेजी से मम्मी की चूत मारने लगे. मम्मी को बहुत मज़ा आ रहा था और वो उसके धक्को के साथ मोअन कर रही थी.. अहहहः अहहहः हहहः उफुफुफुफुफुफ़.. येह्ह्हह्ह. ६ मिनट बाद उसका माल निकल गया और उसने अपना सारा स्पर्म मम्मी की चूत में डाल दिया. उसे बहुत मज़ा आया. फिर उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया. मम्मी ने एक हेन्की से अपनी चूत साफ़ कि और बोली – चलो, सब बारी- बारी से मेरे साथ प्रैक्टिकल करो. आज हम पूरा दिन प्रैक्टिकल करेंगे.

फिर, बाकी लडको ने भी बारी- बारी से मम्मी को इसी तरह से चोदा और अपना स्पर्म अन्दर ही डाल दिया. उन सब के चोदने से मम्मी बहुत थक गयी थी. एंड में मम्मी ने अपनी चूत साफ़ की और लडको को बोली – अब तुम चारो जाओ. बाकी कि क्लास कल. वो दिन तो बस शुरुवात थी. उसके बाद तो मम्मी रोज इसी तरह मज़े लेती. कुछ दिनों बाद, मम्मी ने लडको को गांड मारना सिखाया और अपनी गांड भी मरवाई. उस दिन, लडको ने मम्मी कि गांड से खून निकाल दिया, क्योंकि, उनकी गांड का छेद बहुत टाइट था. धीरे- धीरे मम्मी की क्लास बहुत पोपुलर होने लगी और लड़के भी बढ़ने लगे. अब तो बड़े-बड़े लड़के आने लगे. अब तो टूशन क्लास रंडी खाना बन गया था. ४ बैच में लड़के आते थे और हर बैच में ४-५ लड़के होते. सबसे मम्मी अपनी चूत फटवातीऔर लौड़ा चूसती. कभी- कभी तो सारे लड़के एक साथ मम्मी को बेरहमी से चोदते.

एकदिन तो मम्मी की चूत में लडको ने २ लंड डाल दिए. उस दिन मम्मी की चूत फट गयी और खून भी निकला और चुदाई चलती रही. इसी तरह अक्सर मम्मी कि गांड में लड़के २ लंड डाल देते. जब ऐसा उन्होंने पहली बार किया, तो गांड फट गयी थी और खून भी निकला और कुछ देर के लिए मम्मी बेहोश भी हो गयी थी. बाद में, सब नार्मल हो गया. मम्मी की चूत अब अभूत खुल चुकी थी और सूज गयी थी. लडको ने मम्मी के मम्मे चूस- चूस कर बहुत ही बड़े और चुतड मार- मार कर बहुत बड़े कर दिए और पीछे को निकाल दिए थे. ज्यादातर वो मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदते थे, इसलिए सब लडको ने मम्मी के मोटे चुतड के कारण उनका निक नेम घोड़ी ही रख दिया था.

अब तो लड़के जब भी घर आते है. सो सीधा मुझसे पूछते है, कि घोड़ी कहाँ है हमारी? मैं कहता हु – नहा रही है. तो वो सीधा ही बाथरूम में घुस जाते है और घोड़ी बनाकर बहुत रफ़ली चोदते है. अगर, मैं कहू तो किचन में है, तो वो वहीँ जाकर पीछे से सलवार उतार कर चोद देते है. मम्मी ने मुझसे भी बहुत बार चुदवाया है.. ये कहकर कि अपने पापा को मत बताना ये सब. स्कूल में भी अक्सर कई टीचर और स्टूडेंट मम्मी के केबिन में जाकर मम्मी को फक करते रहते है. एक दिन तो चपरासी भी मम्मी के केबिन में घोड़ी बनाकर चूत मार रहा था. इस तरह मेरी मम्मी एक रंडी बनी और चुद्वाती है.

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