परीक्षा की टेंशन में सील तुड़वाई

नमस्कार साथियों आज में आप को मेरी पड़ोस वाली लड़की मेघना की गीली चूत चोदने की कथा सुनाता हूँ। मेघना मेरे कक्षा 10 में ही पढती है और मेरे पास वाले घर में रहती है। दोनों ही पढने में स्मार्ट माने जाते थे, पर मेघना स्मार्ट होने के साथ साथ सुंदर भी थी। मेघना जब जीन्स टाप पहन के निकलती थी तो गली के लड़कों की फट जाती थी चढ्डी उसे देख कर। कसम से कटीली जवानी की धनी मेघना का बदन उसके नाम के अनुरुप ही था। लाल लाल होट गोरी गोरी बाहें, काली काली जुल्फें और चूंचियां ऐसी कि बस देखो और दाब दो। उसका मरमरी बदन, मासूम चेहरा, भरी हुई लेकिन सपाट गांड जिसको देख कर देखते ही गांड मारने का मन करे। सामने से देखने पर उसको आप पलकें झपकाए बगैर देख सकते हैं। लोग अपना अस्तित्व भूल जाते हैं उसकी रंगीन जवानी को देख कर। कपड़े भी वो ऐसे पहनती थी कि उसके रंग को निखार देता था।

भयंकर और बेह्तरीन गांड, चूंच और कमर के साथ मेघना की अदाएं जोरों पर थीं और जब कि लोग अपने अपने बाथरुम में मूठ मार रहे होते उसके नाम पर, मैं इस मामले में लकी था कि हम दोनों साथ साथ कालेज जाते और फिर साथ साथ आते। इस दौरान हम दोनों कभी बैठ कर काफी या चाय भी पीते। प्रॉब्लम ये थि कि मेघना मुझे अपने भाई की तरह मानती थी और इसलिए वो मेरे करीब ही रहती थी पर कभी सेक्स की फीलिंग नहीं आई उसके मन मे मुझे लेकर। जब कि उसे देखते ही मेरे दिमाग में चुदाई का मेला चलने लगता था। खैर हम साथ साथ थे तो कभी ना कभी तो ये साथ रंग लाने ही वाली थी। फाइनल इयर की परीक्षा रही थी और हम दोनों ही प्रेसर में थे। गणित का पेपर सबसे ज्यादा हार्ड था और मेघना गणित में कुछ नहीं आता था। इसलिए मेघना ने उस रात मुझे अपने घर बुला लिया। अंकल ने कहा कि दोनों पढाई वाले कमरे में बैठ कर सवाल लगाओ। सर्दिओ के दिन थे, दोनों ही स्वेटर शाल पहने हुए सोफे पर बैठ कर पढ रहे थे।

मैने देखा, कि मेघना चिंतित लग रही थी, मैने पूछा कि क्या बात है तो बोलने लगी कि बहुत परेशानी हो रही है और मैं टेंशन हूं कि कल क्या होगा। मैं उसके पास खिसक के बैठ गया और मेघना के हाथ पकड़ कर बोला कि डरो मत तुम्हे सब आता है, तुम अच्छे नंबर लाओगी, पर वो मायुस थी। मेघना ने मेरे कंधे पर हाथ रख कर बोला कि पता नहीं मुझे क्यूं डर लग रहा है, प्लीज मुझे समझ नहीं रहा मैं क्या करुं और मेघना मेरे और पास में गयी। लड़कियां निराशा में होती हैं तो आराम से चुद जाती हैं। मैं समझ गया था कि अब ये सही अवसर है और लोहा गरम है। मेघना के कंधे पर सर रख देने से उसकी बड़ी बड़ी स्तन मेरे सीनें में चुभ रहीं थीं। मैने अपना एक हाथ अनायास ही मेघना के दायें चून्चे पर रख दिया। मेघना कुछ ना बोली।

रात के 11:30 बज चुके थे और चाचा चाची सो चुके थे। उनकी एकलौती बेटी मेरे साथ पढाई कर रही थी। मैंने हल्के से अपने हाथ से मेघना की चूंचियां सहलानी शुरु कर दीं। मेघना मुझसे और चिपकने लगी थी, इसका मतलब था कि उसे यह अच्छा लग रहा था। सच में सेक्स से अच्छा टेंशन रिलीज करने का कोई बेहतर उपाय नहीं है। इस लिए मैने अब दोनों हाथ मेघना के दोनों चूंचियों पर रख दिये और हल्के हल्के प्रेस करने लगा। मेघना आंखें बंद करके मेरे गोद में सर रख दी। अब मेघना ने अपना मुह मेरे पैंट के उपर किया हुआ था। लोवर में लंड तड़पने लगा मेघना के मुह को पास पाकर। मैने तपाक से मेघना की दोनों चूंचियों को छोड़कर उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। मेघना सब जानकर भी आराम से लेटी थी। शायद उसे ये सब अच्छा लग रहा था और इसलिए उसने मुझे ये सब करने दिया था। मैने उसकी टाप खोली। गोरी गोरी अक्षत चूंचियां, और काले काले निप्पल उसके दोनों ट्यूबलाईट जैसे स्तन की शोभा बढा रहे थे।

मैने मेघना को किस करते हुए दोनों चूंचियों को सहलाना शुरु किया। मेघना मस्तानी लग रही थी और अपनी दोनों पैर आगे पीछे करके गीली चूत में होती खलबली का संकेत दे रही थी। मैने मेघना के स्कर्ट को भी खोल दिया और पैंटी भी तत्काल निकाल दी। अब मेघना की बिना बाल वाली चूत जिसपर हल्के हल्के मखमली भूरे रोयें खिल रहे थे, और गुलाबी पंखुड़ियों वाली चुत मेरा दिमाग खराब कर रही थी। मैने एक गहरा चुम्बन लिया उसके गीली चूत का और फिर अपना लंड मेघना के मुह में दे दिया। मेघना उसे चूसने लगी। आह मुखमैथुन का देसी अंदाज हमेशा बेहतर होता है। मेघना ने चूस कर मेरे लंड को फौलाद कर दिया था। इसलिए मैने उसको चोदने के लिए अपना लन्ड पोजिशन किया। उसके टांगों के बीच में जाकर उन्हें फैलाया और गीली चूत में दो उंगली डालकर थोड़ी देर अंदर बाहर करने के बाद मैने अपना लोडा मेघना के छेद पर रखा। मैने मेघना के होटों को अपने होटों में लेकर फ्रेंच किस करते हुए पूरा जाम कर लिया और फिर लंड को अंदर की तरफ धकेला। वो चिचियाने और मुझसे छूटने का प्रयास करने लगी।

पर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों हाथ दबोच रखे थे और पैरों के उपर पैरों से दबाव बनाया हुआ था। ऐसे में मेघना का निकल पाना नामुमकिन था और इसलिए मेघना ने अपना शरीर ढीला कर दिया। मैने लंड को झटका दिया। और तीन इंच धंसने के बाद वो रुका। मैने एक जोरदार धक्का दिया और फचाक की आवाज करता मेरा लौड़ा उसके गीली गीली चूत को फाड़ता हुआ अन्दर चला गया। वो कसमसाई, चिल्लाई पर कुछ नहीं। बढती हुई स्पीड के साथ उसने अपनी बाहें मेरी कमर में डाल दीं और दस मिनट बाद खुद ही नीचे से धक्के लगाने लगी। पेलते हुए मैने उसे कुतिया भी बनाया और उसका सर तकिये पर रख कर मैने उसकी गीली चूत में पीछे से अपना लंड प्रवेश कराया। गांड को थपथपाते हुए मैने धक्के लगाने जारी रखे और मेरी रन्गीली महबूबा ने अपने गांड को पेंडुलम की तरह आगे पीछे करते हुए लंड लेना जारी रखा। थोड़ी देर बाद उसकी गीली चूत से वीर्य की धारा बह रही थी। टेस्टी और गीली चूत को मैने फिर चाट कर साफ किया और दो राउंड और चुदाई की। गीली चूत की आमद के बाद इक्जाम्स बेह्तरीन गये।

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