निम्रत मौसी को छत पे चोदा बारिश में

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नमस्कार दोस्तों सुकविंदर सिंह है में पंजाब से हु मेरी उम्र 24 साल है मेरी लम्बाई 5 फिट 7 इंच है मेरी बॉडी एकदम जिम टाइप की है मेरे लण्ड का साइज 7″ का है। दोस्तों ये कहानी मेरी और मेरी निम्रत मौसी (यानि की मेरी माँ की बहन) मेरी निम्रत मौसी की उम्र 35 साल है और उनकी लम्बाई मेरे बॉडी से मैच होती है उनका रंग भी एकदम दूध जैसा सफ़ेद है और दिखने में बहुत सेक्सी दिखती है उनके बड़े बड़े बूब्स और मोटी गांड हमेशा मुझे उनकी तरफ आकर्षित करती है निम्रत मौसी हमेशा पंजाबी शूट ही पहनती है और मेरे मौसाजी अमेरिका में रहते है मेरी निम्रत मौसी का नाम निम्रत है और उनकी एक बेटी है और एक बेटा है दोस्तों आप लोगो का समय ज्यादा ना लेते हुए में कहानी पर आता हु भाई लोग बात उस समय की है जब निम्रत मौसी  अपने घर पे बुलाया था।

क्यों की उनके जो बचे है वो छोटे है और उनके घर का रेनोवेशन का काम चल रहा था और उन्होंने मुझे कहा की तुम घर के रेनोवेशन के काम पर तुम नज़र रखना तो में वही काम करने लग गया और जो भी मजदूरो को रौ मटेरियल चाहिए होता था में उनको ला के देता था। उस टाइम गर्मियों के दिन थे इस लिए मेरी निम्रत मौसी के बचे अपने नाना नानी के घर पे चले गए लेकिन काम ज्यादा था इस लिए में और निम्रत मौसी नहीं जा पाए एक दिन की बात है जब काम चालू था और बहुत तेग बारिश चालू हो गई थोड़ी देर तो मजदूरों ने राह देख लेकिन बारिश नहीं रुकी इस लिए निम्रत मौसी ने कहा की अब तुम सब अपने घर जाओ कल आने काम पे और फिर वो लोग चले गए। फिर मेने जानवरो को अंदर बंधा और उनको खाने के लिए कुछ थोड़ा थोड़ा चारा डाल दिया। मेरी निम्रत मौसी का घर गांव में नहीं है खेत में है जिस वजह से वहा कोई आता जाता नहीं है

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और एक तरफ बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी इसलिए सब कुछ भीग गया निम्रत मौसी ने आँगन में सुख रहे कपड़ो को उतारा जब निम्रत मौसी कपड़ो को उतार रही थी तब उनके कपडे भी भीग गए उन्होंने गर्मी के कारन बहुत पतला शूट पहना हुआ था। उनके भीगे शूट से उनका पूरा जिस्म चिपक रहा था मेने नोटिस किया की निम्रत मौसी ने ब्लैक ब्रा पहनी हुई थी लेकिन उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी। इतने में अचानक उनका ध्यान मेरी तरफ गया और उन्होंने हलकी सी स्माइल दी सायद निम्रत मौसी समझ गई थी की में क्या देख रहा था। फिर हम दोनों अंदर आये और कपडे चेंज किये मेने टी-शर्ट और निकर पहन ली थी और निम्रत मौसी ने दूसरा शूट पहन लिए था। निम्रत मौसी ने चाय बना दी. बारिश कुछ कम हुई पर लगातार जारी थी. कुछ देर बाद, हमारी लाइट भी चली गयी। निम्रत मौसी ने बाद में मुझे खाने के लिए पूछा तो मेने मन कर दिया की भूख नहीं है।

फिर रात को बारिश रुख गई लेकिन लाइट नहीं आई। बहार फुल ठंडी हवा चल रही थी तो मेने निम्रत मौसी को कहा की में छत पर सोने जा रहा हूँ तो निम्रत मौसी ने कहा की चलो में भी आरही हु छत पर सोने के लिए। हमने नीचे का डोर लॉक किया और कुत्ते को खुल्ला छोड़ दिया और खुद छत पर चले गये. मैंने अपना बिस्तर चारपाई पर लगाया और निम्रत मौसी मेरे साथ ही लेट गयी। उनका चेहरा मेरी तरफ था हम दोनों बाटे करने लगे चारो तरफ अँधेरा था बातो बातो में निम्रत मौसी ने मुझसे पूछा की जब में कपडे ले रही थी तब क्या देख रहे थे  तो मेने कहा की कुछ नहीं निम्रत मौसी तो निम्रत मौसी ने कहा, कि भोला मत बन.तुझे सब पता है. तो मैंने कह दिया कि आप गीले कपड़ो में बहुत अच्छी लग रही थी और सेक्सी भी. निम्रत मौसी हँसने लगी और मुझे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा. मैंने कहा, कि हाँ है. तो उन्होंने पंजाबी में पूछा, कि मैंने उसकी ली है कि नहीं? तो मैं चौक गया. पर कह दिया – “नहीं”. तो निम्रत मौसी बोली, तो फिर गर्लफ्रेंड रखने का क्या फायदा.

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फिर मेने निम्रत मौसी से पूछा की आप क्या करते हो एकेले मौसा तो यहाँ नहीं रहते तो निम्रत मौसी मेरी तरफ थोड़ी मुस्कराई और थोड़ी शरमाई और कहा की ये बात तुम किसी को बताओगे तो नहीं। तो मेने कहा की प्रॉमिस किसी की नहीं बताऊंगा तो निम्रत मौसी ने कहा की वो गाजर- मुली या किसी और से काम चला लेती है। लेकिन किसी और से नहीं चुदवाती और मेने कहा क्यों तो उन्होंने कहा की मेरी एक बेटी है अगर मेने ऐसा किया और मेरी बदनामी हुई तो उसकी शादी नहीं हो पायेगी इस लिए वेजिटेबल से काम चला लेती हु। निम्रत मौसी के इन बातो से मेरा लैंड फुल कड़क हो गया इस लिए में अपने आप को रोक नहीं पा रहा था तो मेने निम्रत मौसी का हाथ पकड़ा और अपने लण्ड के पास ले गया तो निम्रत मौसी ने भी मना नहीं किया और उन्होंने भी मेरा लैंड लपक से पकड़ लिया  और मर निम्रत मौसी को लीप किस्स करने लगा 5 मिनट तक हमने किश किया

उसके बाद मेने निम्रत मौसी का कमीज़ और सलवार दोनों उत्तार दिया और खुद भी नंगा हो गया फिर मेने निम्रत मौसी का पूरा बॉडी चूमना सुरु किया। फिर मैंने निम्रत मौसी को 69 पोजीशन में लेकर उसकी चूत चाटनी शुरू की और उसने मेरा लंड अपने मुह में लेकर चुसना शुरू कर दिया. मेरी जीभ ने असर दिखाया और निम्रत मौसी की चूत ने पानी छोड़ दिया. ख़ैर, मैं सारा नमकीन पानी पी गया और निम्रत मौसी मेरा लंड चूस रही थी. फिर, मैंने निम्रत मौसी को उठाकर चारपाई पर लिटाया और उनकी टांगो के बीच में बैठ गया. और अपना लंड उनकी चूत के साथ सटा दिया. फिर, मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा आधा लंड उनकी चूत में चले गया. उनके मुह से हलकी सी चीख निकली. फिर मैंने दो- तीन धक्के और लगाये. तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में उतर गया. मैं रुक कर उनके बूब्स चूसने लगा और फिर धक्के मारने शुरू किये. अब निम्रत मौसी भी मेरा साथ दे रही थी.

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अचानक निम्रत मौसी की आवाज़ निकलने लगी और उसने अपनी दोनों टाँगे हवा में उठा ली. और अपनी गांड उठा- उठा कर 5-6 जोरदार झटके मारे और पानी छोड़ दिया. उन्हें देखकर मुझे भी जोश आ गया और मैंने स्पीड बड़ा दी. 3-4 मिनट बाद, मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया. फिर, मैं निम्रत मौसी के ऊपर से उतर गया. फिर निम्रत मौसी ने मेरा लंड अपने मुह में लिया और चूसने लगी. देखते ही देखते, मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया. मैंने निम्रत मौसी को अपने बॉल लिक्क करने को कहा. तो उसने वैसे ही किया. वो बारी- बारी मेरा एक बॉल मुह में लेकर चूसती. कुछ देर बाद, वो मेरे ऊपर आ गयी और अपनी चूत के साथ मेरा लंड लगा कर उसपर बैठ गयी. उनकी चूत मेरा लंड पूरा निगल गयी और वो मेरे लंड पर उठ- बैठ रही थी. वो मेरा लंड तक़रीबन सारा बाहर निकालती और फिर पुरे जोर से अपनी गांड नीचे लाती.

मैं तो जैसे स्वर्ग में था. एक बार बीच में रूककर उसने अपनी चूत को मेरे लंड पर टाइट किया और मेरे निप्पल मुह में लेकर चूसने लगी, तो मुझे बहुत मज़ा आया. कुछ देर बाद, वो थक गयी और मैंने उन्हें नीचे उतार लिया और छत पर दिवार के सहारे लगाकर घोड़ी बनाया और लंड उनकी चूत में डालकर झटके मारने लगा. कुछ देर बाद, वो झड़ने वाली थी, तो उसने अपनी गांड मेरे लंड पर जोर से आगे- पीछे करनी शुरू कर दी और कुछ देर बाद, उसने और मैंने एक साथ पानी छोड़ दियां. फिर, छत पर हमने खड़े होकर देखा. तो हर तरफ अँधेरा था. मैं उसके पीछे आ गया और खड़ा हो गया. और लंड को उसकी गांड पर रगड़ने लगा. वो भी अपनी गांड पीछे करके मेरे लंड पर दवाब डाल रही थी. फिर, वो मेरी तरफ फेस करके नीचे बैठ गयी और मेरा लंड पकड़ कर मुह में लेकर चूसने लगी. जब लंड थोडा खड़ा हुआ, तो मैंने उसकी माउथ फकिंग शुरू कर दी.

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उसके हाथ मेरे चुतड पर थे और ५-६ मिनट के बाद, मैंने उससे कहा – मेरा पानी निकलने वाला है. मैंने लंड बाहर निकालने की कोशिश की, पर उसने लंड बाहर नहीं निकाला और जब मेरे लंड पानी छोड़ा. तो वो सारा पानी पी गयी और मेरा लंड भी चाट कर साफ़ कर दिया. हम चारपाई पर बैठ कर बात करने लगे. मैं उसके थाई को सहला रहा था. वो बोली – क्या अभी दिल नहीं भरा? मैंने कहा, कि कैसे भरेगा. तुम्हारा अभी एक होल तो अनटच है, तो वो हंस पड़ी. वो बोली – उसे भी फाड़ डाल. मैंने कब मना किया है. उसने मेरे लंड अपने हाथ में ले लिया और सहलाने लगी. मैं उसके बूब्स दबाने लगा. फिर, उसने मेरे लंड को मुह में लेकर चुसना शुरू किया और देखते ही देखते, मेरा लंड तन गया. मैंने उसे चारपाई पर पेट के बल लिटाया और उसके पेट के नीचे तकिया लगा दिया. जिससे उसकी गांड काफी ऊपर को उठ गयी. उसने अपनी टांगो को फैला लिया. यारो क्या नज़ारा था!

मैं उसकी टांगो के बीच में बैठ गया और उसकी चूत के पानी से अपनी एक ऊँगली को गीला करके उसकी गांड में डाल दी. उसे दर्द हुआ, पर मैं नहीं रुका और ऊँगली अन्दर- बाहर करने लगा. फिर, मैंने दो उंगलिया डाल दी और फिर तीन. फिर, जब मुझे लगा कि अब उसकी गांड तैयार है, तो मैं उठा और उसके मुह के पास लंड लेजाकर उसके मुह में डाल दिया. मैंने उसे अपना लंड गीला करने को कहा. उसने अपने थूक से मेरा लंड पूरा गीला कर दिया. मैंने वापिस उसकी गांड के पास आकर बैठा और उसकी गांड पर लंड रखकर झटका मारा. लंड सिर्फ १.५ इंच तक अन्दर गया. उसकी चीख निकल गयी.अब मुझे भी दर्द हुआ. मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा और फिर ३-४ धक्के और कस- कसकर मारे, तो मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया. उसकी चीख निकल गयी. पर उसकी चीख सुनने वाला कोई नहीं था. ख़ैर, जब वो कुछ नार्मल हुई.

तो वो भी मेरा साथ देने लगी. मैं झटके मार रहा था. पर इस बार मेरा पानी जल्दी नहीं निकलने वाला था. मैं कुछ देर बीच में रुका, तो उसने मुझे बताया, कि मेरी दूसरी दूसरी निम्रत मौसी की चूत भी चाहिए. उसका नाम सुखी था. तो मैंने कहा – वो कैसे मिलेगी? वो तो बहुत शरीफ है. निम्रत मौसी बोली, जितनी बड़ी गश्ती वो है, और कोई भी नहीं. उसने कहा, कि मैं तुझे उसकी चूत दिलवा दूंगी. मैं खुश हो गया और जोश में आकर जोर – जोर से धक्के मारने लगा. चारपाई भी अलग- अलग तरह की आवाज़े निकाल रही थी. और निम्रत मौसी भी… निम्रत मौसी कहने लगी पंजाबी में… “मार, मेरी गांड मार… फाड़ दे. मेरा पानी निकल गया. हाई मम्मी… मर गयी… निम्रत मौसी की बातो से मुझे जोश आ गया और मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और कुछ जोरदार धक्को के बाद, निम्रत मौसी की गांड में मैंने अपना पानी छोड़ दिया और निढाल होकर उसकी पीठ पर लेट गया.

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