जमीलाअंसारी की चूत का मज़ा

मेरा नाम रणदीप है, मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ।मेरी उम्र 25 साल है, मेरा लंड 6.5 इंच का है।CHUDAISTORY.XYZ पर यह मेरी पहली कहानी है आशा है कि आपको पसन्द आएगी।बात उस समय की है जब मैं 10th क्लास में पढ़ता था।मेरे साथ ही मेरे पड़ोस की लड़की जिसका नाम जमीला था, जमीला भी मेरे साथ पढ़ती थी।जमीला देखने में बहुत ही सुन्दर थी, उसके बड़े बड़े बूब्स को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए। जमीला और मेरे परिवार में थोड़ा बहुत आना जाना था, मैं उनके घर और जमीला कभी कभार हमारे घर आ जाती थी।मेरा मन करता था कि साली रंडी को अभी पकड़ चोद दूँ।मैं रोज जमीला के बारे में सोचकर बाथरूम में मुठ मारता था।आखिर वो दिन आ ही गया जिसका मुझे बेसब्री से इन्तजार था।हमारे बोर्ड के परीक्षा चल रहे थे, जमीला के परिवार वालों को कही शादी में जाना था लेकिन परीक्षा की वजह से जमीला नहीं जा सकती थी, जमीला घर अपने दादा जी के साथ ही रुक गई।मैं शाम को जमीला के घर पर पढ़ने के बहाने चला गया।जमीला के घर पर कोई नहीं था।

मैंने पूछा तो जमीला ने कहा- बड़े अब्बू अभी अभी किसी काम से मार्केट गए हैं।ऐसा सुनकर मैं बहुत खुश हुआ। मैं और जमीला साथ बैठकर पढ़ने लगे।मैं बीच बीच में बहाने से जमीला के चूचों को छू देता।लेकिन जमीला  इसका विरोध नहीं कर रही थी।मेरी हिम्मत धीरे धीरे बढ़ने लगी, मेर लंड तन गया।मुझसे अब रहा नहीं गया, मैंने जमीला को पकड़ लिया और जमीला को चूमने लगा।पहले तो विरोध करने लगी पर जब मैंने उसे नहीं छोड़ा तो जमीला भी मेरा साथ देने लगी।मैं पाँच मिनट तक जमीला को चूमता रहा।फिर मैं जमीला के बूब्स को शूट के ऊपर से दबाने लगा, जमीला सिसकारियाँ भरने लगी।मुझे बहुत ही मजा आ रहा था।जमीला अब पूरी तरह गर्म चुकी थी।मैंने जमीला के कपडे सलवार शूट को उतार दिया, अब जमीला केवल ब्रा और पेंटी में थी।जमीला ब्लैक ब्रा और पेंटी में बहुत ही सेक्सी काम की देवी लग रही थी।

मैं जमीला को अपनी बहो में उठा रूम में ले गया और बेड पर सुला दिया। मैं उसके लिप्स को चूसने लगा और एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा।कुछ देर तक मैं उसके लिप्स को चूमता रहा, फिर मैंने एक हाथ से उसकी ब्रा और पेंटी निकाल दी।उसके गोरे-गोरे बूब्स मेरे सामने उजागर हो गए।मैं उनको मुँह में लेकर चूसने लगा।मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।जमीला के मुंह से कामुक आवाजें निकल रही थी, जमीला कह रही थी- बस अब और नहीं रहा जाता… चोद दो मुझे। फिर में अपना मुँह जमीला की चुत की और ले गया औरमैं अब उसकी चूत को चाटने लगा।जमीला की चुत एकदम गोरी चूत थी।मैं जीभ से जमीला की चूत को चोदने लगा, जमीला आह उह्ह आह ऊहह जैसी आवाजें निकलने लगी।अब मैंने मेरे सभी कपड़े उतार दिए और अपना लंड जमीला के हाथ में दे दिया।जमीला  मेरे लंड को देखक़र हैरान रह गई।मैंने अब जमीला को  लंड चूसने को कहा।जमीला  मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी।कुछ देर बाद मैंने लंड को जमीला की चूत पर लगाया और जोर से धक्का मारा।

जमीला  दर्द के कारण कहराने लगी।मैं जमीला के होठों को चूमने लगा और एक जोर से धक्का मार तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।दर्द के कारण जमीला की आँखों से आँसू बहने लगे और जमीला मेरा लण्ड  बाहर निकालने के लिए कहने लगी।अब में जमीला के बूब्स को चूसने लगा और जब उसका दर्द कम हुआ तो धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा।अब जमीला को भी मजा आने लगा, अब जमीला भी मेरा साथ देने लगी। जमीला आह उह्ह उह्ह आह की आवाजें निकाल रही थी।मैं जोर जोर से जमीला को चोद रहा था।जमीला अब  झड़ने वाली थी, उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और झड़ गई।मैं अब भी जमीला को चोद रहा रहा था।कुछ देर तक चोदने के बाद मैं जमीला की चूत में ही झड़ गया।हम कुछ देर तक ऎसे ही लेटे रहे, फिर हमने कपड़े पहने, एक दूसरे को चूमा।फ़िर मैं अपने घर आ गया।जब भी मौका मिलता हम चुदाई करते।

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