कॉलेज की दोस्त को शादी में चोदा उसकी मर्ज़ी से

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम देवांग है में दिल्ली से हूँ. ये एक रियल स्टोरी है, मैं आपके साथ शेयर करना चाहता हु. मैं उदयपुर में रहता हु. ये कहानी कुछ २ महीने पहले की है. मेरी सहपाठी तनूजा थी, जिसकी शादी 5 पहले हुई थी. उसका एक साल का बेबी भी है. अभी, मैं शादीशुदा नहीं हूँ. अचानक मुझे मेरे दोस्त बलदेव का कॉल आया, कि उसकी शादी तय हो गयी है. बलदेव और तनूजा के परिवार में आपस में कुछ रिलेशन था, तो बलदेव की शादी में तनूजा अपने पति के साथ आई थी. तनुजा के पति का नाम जयदीप था. मुझे देखकर तनूजा खुश हो गयी और हाथ मिलायी. मैं थक गया था, जरनी से तो मैं सोने चला गया.

मेरे पास तनूजा के जयदीप सोने आये और हम लोग बात करते- करते हो गये. शादी 2 दिन की थी. अगले दिन, तनूजा जयदीप बलदेव के साथ बाजार गये और मुझे घर के काम पर छोड़ दिया. तनूजा लेट में आई और बाकि लडकिया ब्यूटी पार्लर जाकर अपना काम ख़तम करवा चुकी थी. तनूजा ने मुझसे कहा, कि मैं उसे ब्यूटी पार्लर ले चलू. मैंने उसे मना नहीं किया और उसके साथ बाइक पर चला गया. तनूजा मेरे कमर को कसकर पकड़कर बैठी हुई थी. तनूजा के बूब्स भी मुझे टच हो रहे थे. मेरा लौड़ा तो खड़ा होने लगा था. ब्यूटी पार्लर में भीड़ ज्यादा थी, तो हम वेट करने लगे.

मैं तनूजा को बार बार देख रहा था. तो तनूजा बोली – ऐसे क्या देख रहे हो? मैंने उसे कहा – तुम बहुत सुंदर दिख रही हो. तो तनूजा हंसने लगी और शी सेड – कॉलेज वक्त पर, तो तुमने मुझ पर कभी ध्यान हो नहीं दिया. कितना लाइन मैंने तुम पर मारी, देवांग. तनूजा हंस पड़ी. मैं बोला – चल झूठी. तो उसने मेरा हाथ पकड़कर कहा, तुम्हारी कसम देवांग. मेरी तो शरीर में करंट लग गया. मन ही मन, खुद को गाली दी. ऐसा माल क्यों छोड़ दिया. मैं उसे सॉरी कहा और बोला – अगर मुझे पता होता, तो मैं तुमसे ही शादी करता. वो मेरे हाथ को पकडे हुए थी. ब्यूटी पार्लर में अभी भी 2 घंटे वेट करना था, मैंने बोला – चलो, किसी होटल में चलते है (मैंने खाना खाने के लिए होटल बोला था). तनूजा बोली – रूम में क्या? मैं तो जैसे शौक हो गया, लेकिन मैंने हंसकर बोला – हाँ.

तनूजा शर्म से बोली – उदयपुर में रूम कौन देगा. मैंने कहा – यहाँ मेरा एक दोस्त का होटल है. जो किराए पर रूम देता है. मैंने फ़ोन करके रूम बुक किया. तनूजा को लेकर होटल पहुच गया. रास्ते में दवाई की दुकान से कंडोम ले लिया.रूम में जाकर दरवाज़ा बंध कर दिया और A.C. चालू कर दिया. मैंने तनूजा को बाहों में ले लिया और बेड में गिर गया. तनूजा – आई लव यू, देवांग. मैं – आई लव यू टू. तनूजा मुझे किस करने लगी और मैनें भी किस करना शुरू कर दिया. हल्का से उसकी साड़ी उतार दी और अब तनूजा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी. उसकी नाभि को किस किया और फिर मैंने उसकी ब्लाउज और पेटीकोट उतार दिया. तनूजा ने रेड ब्रा और पिंक पेंटी पहनी हुई थी. बूब्स का साइज़ 34.ब्रा को मैंने उतार दिया. मैंने तनूजा के बूब्स को चूस- चूस कर लाल कर दिया.

तनूजा एक्साइट हो गयी और मेरे बालो को खीचने लगी. मैंने तनूजा की पेंटी को उतारा. उसकी पिंक चूत पर एक भी बाल नहीं थे. उसकी पूरी चूत गीली हो चुकी थी. मैंने तनूजा की चूत पर टूट पड़ा और चूत को चाटने लगा. वो अहहः अहहः आआआआ ऊऊऊऊईईईईइमा अहहाहा ओऍमजी.. ओऍमजी..ओऍमजी…. ओऍमजी कर रही थी. मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था. ऐसी चल रहा था. फिर भी हम दोनों की शरीर से पसीने निकल रहे थे. इतने में तनूजा अपनी चूत को जोर- जोर से मेरे मुह पर रगड़ रही थी और फिर तनूजा की चूत ने पानी छोड़ दिया. वो 10 मिनट लेट गयी और बोली – मेरे जयदीप चोदता तो है जबरदस्त. बट कभी चूत नहीं चाटता. फिर तनूजा ने मुझे नंगा करके मेरा लंड को मुह में ले लिया और चूसने लगी. दोस्तों, क्या फीलिंग थी… अहहाहः आआआआआ.. मैं अहहहः आआआआआआआआआअ कामुक आवाज़े कर रहा था.

लंड एकदम पत्थर सा हो गया था. फिर तनूजा ने कहा … टाइम ज्यादा नहीं है, देवांग. तुम्हारा ये गोरा- गोरा लंड मेरी चूत में डालो. मैंने फिरसे 5 मिनट तनूजा की चूत चाटी और अपना लंड लेके तनूजा की चूत में रगडा. फिर, मैंने अपने लंड पर डॉटेड कंडोम लगाया और अपने लंड का टोपा तनूजा की चूत में पेल दिया. लंड हल्का सा अन्दर गया और फिर एक और धक्के से मेरा पूरा लंड तनूजा की चूत में पूरा अन्दर चला गया. मुझे लगा, मेरा लंड किसी आग की भट्टी में घुस गया हो. फिर, मैं जोर- जोर से चोदने लगा. मैं रुक- रुक कर उसकी चुदाई कर रहा था. फिर, तनूजा ने मुझे लिटाया और मेरे ऊपर बैठ गयी और अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट करके मेरे लंड को अपनी चूत में डाल दिया. मुझसे चुद रही थी. अहहहः ओहोहोहोहोह उईईईईईकी आवाज़ आ रही थी. फिर मैंने तनुजा को अपने लेप पर बैठा लिया और उसको चोदने लगा. अब मरे लंड से पानी निकल गया.

अभी एक घंटा हुआ था और एक घंटा वेट करना था. हम दोनों बेड पर लेट गये और बात करने लगे. तनूजा बोली – मेरा जयदीप, मुझे सिर्फ रात में ही चोदता है. और वह न तो मेरे बूब्स दबाता है और न ही चुत चाटता है. मेरा तो निकलता ही नहीं है. खुद का लौड़ा शांत हो गया, तो सो जाता है. मैं प्यासी ही रह जाती हु. मैंने बोला – तुम फ़िक्र मत करो मेरी जान. जब भी चुदाई का मन करे, तो आ जाना उदयपुर. मैं तुम्हे जमकर चोदुंगा और हम दोनों हंस पड़े. तनूजा ने बोला – कुछ अलग अंदाज़ में चोदो ना. एक ही पोजीशन में चुदकर कंटाल गयी हु. मैंने बोला – पहले खाना खाते है और फिर चोदम- चुदाई. हमने खाना मंगाया. हमने खाना खाया और 10 मिनट वेट किया और फिर तनूजा ने लंड चुसना शुरू किया. मैंने 36 की पोजीशन बना ली. मैंने उसकी चूत में टंग घुसाना शुरू किया और चूसने लगा. तनूजा रंडी मेरे लंड को एक प्रोफेशनल रंडी की तरह चूस रही थी. 10 मिनट हम ६९ की पोज में चूसते रहे और फिर हम अलग हुए.

फिर मेने उसके बूब्स के बिच में अपना लंड को रगडा. क्या मुलायम-मुलायम बूब्स थे, मेरे लंड से भी पानी निकल रहा था. वो चूस के साफ़ कर दे रही थी. फिर, मैंने उसको कुत्ते वाली पोजीशन में किया और पीछे से उसकी चूत में लंड डालने लगा और चोदने लगा. बीच- बीच में मैं उसकी चूत के रस को साफ़ कर देता. जिससे लंड को चूत में टाइट फीलिंग आये. 20 मिनट चोदने के बाद तनूजा की आँखों में आंसू आने लगे. बेचारी को खूब दर्द हो रहा था. मैंने उसको बेड पर लिटा दिया और एक कंडोम लगायी और जोर- जोर से चोदने लगा. तनूजा अब तक 3 बार झड़ चुकी थी. अब वो मुझे लंड बाहर निकालने को कह रही थी, उसे डर था कि मैं उसके अन्दर ना छुट जाऊ. मैंने अपना लंड निकाल और एकदम कंडोम को उतार दिया. मैंने उसके मुह पर मुठ मार दी. मेरा सारा गरम- गरम माल तनूजा के मुह पर गिर गया. फिर हमने अपने कपडे पहने और ब्यूटी पार्लर की ओर चल पड़े.

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